चम्पावत: निराश्रित पशुओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल
गीता जोशी (संपादक) · 2 अप्रैल 2026 | 07:55 pm

चम्पावत: उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञानित “In city hounded by stray, kids pay price” रिट याचिका के अनुपालन में, जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला सभागार में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में जनपद में निराश्रित पशुओं की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद के संबंधित कार्यालयाध्यक्षों ने अपने-अपने कार्यालयों में नोडल अधिकारी नामित कर लिए हैं। ये अधिकारी कार्यालय परिसर में निराश्रित पशुओं की रोकथाम, निगरानी एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉलेज, बस स्टेशन, रेलवे परिसरों सहित अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर निराश्रित पशुओं का प्रवेश किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी एवं संबंधित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया। उन्हें सड़कों पर निराश्रित पशुओं की रोकथाम हेतु एक ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और यातायात सुचारू बना रहे।
उन्होंने पशुपालन विभाग, जिला पंचायत एवं नगर निकायों को निर्देश दिए। जो व्यक्ति पशुओं को खुले में छोड़ते हैं, उनके विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाए, ताकि इस प्रकार की लापरवाही पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
डॉग बाइट की घटनाओं के दृष्टिगत, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बैठक में यह अवगत कराया गया कि जनपद में पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) केंद्रों का संचालन पिथौरागढ़ एवं रुद्रपुर से किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस पर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित गौसदनों एवं निर्माणाधीन गौसदनों की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इनके संचालन, क्षमता वृद्धि एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या जन-सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं यातायात प्रबंधन से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए सभी विभाग इसे शीर्ष प्राथमिकता में रखते हुए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह डिगारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका भरत त्रिपाठी, सौरभ नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
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