देहरादून की स्वाभिमान बेकरी बनी महिला उद्यमिता की नई मिसाल, सालाना 40 लाख रुपये तक पहुंचा कारोबार
गीता जोशी (संपादक) · 14 मई 2026 | 01:47 pm

देहरादून: उत्तराखंड में ग्रामीण महिला उद्यमिता और स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विकासखंड विकासनगर के ग्राम सोरना डोभरी की निवासी कल्पना बिष्ट ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के माध्यम से “स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट” की स्थापना कर सफलता का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। यह इकाई न केवल स्थानीय स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि पारंपरिक मिलेट्स उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाने में भी सहायक सिद्ध हुई है।
कल्पना बिष्ट पिछले कई वर्षों से स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान उन्होंने ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से आधुनिक बेकरी यूनिट स्थापित की। इस परियोजना में 6 लाख रुपये की सहायता रीप परियोजना द्वारा दी गई, जबकि 3 लाख रुपये का बैंक ऋण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया और 1 लाख रुपये का निवेश स्वयं उद्यमी द्वारा किया गया। वर्तमान में यह यूनिट सालाना लगभग 40 लाख रुपये का कारोबार कर रही है और इसके माध्यम से 9 स्थानीय महिलाओं को नियमित रोजगार प्राप्त हो रहा है।
स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट में मिलेट्स और स्थानीय अनाजों का उपयोग कर प्रीमियम उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मिल्क रस, गोलगप्पे, मांडवे के बिस्कुट, गुड़-मक्खन बिस्कुट और हनी ओट्स बिस्कुट जैसे पौष्टिक उत्पाद शामिल हैं। उत्पादों की गुणवत्ता और स्थानीय स्वाद के कारण इनकी मांग बाजार में निरंतर बढ़ रही है। इसके साथ ही चकराता की राजमा, तुअर, मसूर दाल और कच्ची घानी के सरसों तेल का विपणन भी किया जा रहा है। इकाई के कई विशिष्ट उत्पादों को “हाउस ऑफ हिमालय” में भी स्थान प्राप्त हुआ है।
38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान इस बेकरी यूनिट ने बड़ी व्यावसायिक सफलता प्राप्त की। एनआरएलएम के माध्यम से विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों को मिलेट्स आधारित उत्पादों की आपूर्ति की गई। इस दौरान लगभग 27 क्विंटल बिस्कुटों की बिक्री कर यूनिट ने 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। शुरुआत में केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित रहे इन उत्पादों की पहुंच अब उत्तरकाशी और टिहरी जनपदों तक हो चुकी है। उत्पादों की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फेडरेशन की सहायता से एक इको वैन भी खरीदी गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक माल पहुंचाया जा रहा है।
बेकरी उत्पादों की व्यावसायिक सफलता में उनकी आकर्षक पैकेजिंग का भी बड़ा योगदान है। कल्पना बिष्ट ने अपने फैशन डिजाइनिंग के हुनर का प्रयोग कर उत्पादों के लिए प्रीमियम पैकेजिंग तैयार की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा समूह के कार्यों को देखते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी, जिसका उपयोग मार्केटिंग गतिविधियों को मजबूत करने में किया गया। जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि इस मॉडल की सफलता को देखते हुए आगामी समय में अन्य विकासखंडों में भी इसी प्रकार की इकाइयां स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सके।
संबंधित ख़बरें

देहरादून-मसूरी मार्ग बंद: पानी वाले बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त, जनसुरक्षा सर्वोपरि
20 जुलाई 2026 | 08:11 pm

देहरादून में सफाई कर्मचारियों के लिए जन-जागरूकता शिविर आयोजित, 250 लाभार्थियों ने लिया लाभ
15 जुलाई 2026 | 04:04 pm

उत्तराखंड में महिला उद्यमियों के लिए ‘भुली’ कार्यक्रम शुरू, 150 उद्यमियों का होगा चयन
14 जुलाई 2026 | 08:04 pm

देहरादून समाधान दिवस में 176 शिकायतें दर्ज, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों में कार्रवाई के निर्देश
13 जुलाई 2026 | 04:08 pm