पूर्व सैनिकों के लिए सुनहरा अवसर: कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के वीरों की DSC में होगी भर्ती
मुख्य संपादक · 12 फ़रवरी 2026 | 12:52 pm

रानीखेत (अल्मोड़ा): उत्तराखंड के सैन्य बाहुल्य क्षेत्र कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के पूर्व सैनिकों के लिए राष्ट्र सेवा का एक और द्वार खुल गया है। भारतीय सेना के डिफेंस सिक्योरिटी कोर (DSC) में भर्ती प्रक्रिया का ऐलान कर दिया गया है, जो 9 मार्च से 14 मार्च तक संचालित की जाएगी। यह भर्ती विशेष रूप से उन पूर्व सैनिकों के लिए है जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद एक बार फिर वर्दी पहनकर देश की महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों की सुरक्षा में अपना योगदान देना चाहते हैं। रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर (KRC) में होने वाली इस भर्ती में सिपाही जनरल ड्यूटी और सिपाही क्लर्क के पदों पर चयन किया जाएगा, जिसके लिए कड़े मानक और पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
भर्ती का कार्यक्रम और पात्रता के कड़े नियम
इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सैन्य प्रशासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भर्ती में केवल वही पूर्व सैनिक हिस्सा ले पाएंगे जिनकी मेडिकल कैटेगरी ‘शेप-वन’ (SHAPE-1) है। इसका अर्थ है कि अभ्यर्थी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए।
पदों के अनुसार पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:
-
सिपाही जनरल ड्यूटी (GD): इस पद के लिए वे अभ्यर्थी पात्र होंगे जो 31 मार्च 2024 से 28 फरवरी 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। उम्मीदवार की आयु 46 वर्ष से कम होनी चाहिए और सेना से बाहर आए उन्हें दो साल से अधिक समय नहीं बीता होना चाहिए।
-
सिपाही क्लर्क (SD): क्लर्क पद के लिए पात्रता की समयसीमा थोड़ी अलग है। इसके लिए 31 मार्च 2021 से 28 फरवरी 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिक आवेदन कर सकते हैं। क्लर्क के लिए अधिकतम आयु सीमा 48 वर्ष निर्धारित की गई है, बशर्ते उनकी सेवानिवृत्ति की अवधि 5 वर्ष से अधिक न हो।
कुमाऊं और नागा रेजिमेंट की गौरवशाली पृष्ठभूमि
कुमाऊं और नागा रेजिमेंट भारतीय सेना की उन टुकड़ियों में शामिल हैं जिनका इतिहास पराक्रम और बलिदान से भरा है। रानीखेत इन दोनों ही रेजिमेंटों का प्रशिक्षण केंद्र है। पूर्व सैनिकों को दोबारा मौका देने के पीछे मुख्य कारण उनका अनुभव और अनुशासन है। डीएससी का मुख्य कार्य सैन्य अड्डों, डिपो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना होता है। अनुभवी सैनिकों की मौजूदगी इन स्थानों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता बनाती है। पूर्व सैनिकों के लिए यह न केवल आर्थिक रूप से मददगार है, बल्कि उनके भीतर छिपे उस ‘सैनिक’ को फिर से सक्रिय करने का माध्यम भी है जो हमेशा देश के लिए कुछ करने को तत्पर रहता है।
आम जनमानस और सैनिकों के परिवारों पर प्रभाव
उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में देखें तो यहाँ का लगभग हर दूसरा परिवार सेना से जुड़ा है। कम उम्र में सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों के सामने अक्सर दूसरी पारी की शुरुआत की चुनौती होती है। ऐसे में डीएससी की यह भर्ती उनके लिए एक बड़ा सहारा बनती है।
-
आर्थिक स्थिरता: दोबारा सेवा मिलने से सैनिकों को पेंशन के साथ-साथ वर्तमान वेतन का भी लाभ मिलता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है।
-
अनुभव का सदुपयोग: युवावस्था में प्राप्त किया गया सैन्य कौशल बेकार नहीं जाता और देश को प्रशिक्षित सुरक्षाबल दोबारा प्राप्त हो जाते हैं।
-
स्थानीय अर्थव्यवस्था: रानीखेत जैसे क्षेत्रों में जब ऐसी बड़ी भर्तियाँ होती हैं, तो स्थानीय व्यापार और परिवहन को भी गति मिलती है।
भर्ती प्रक्रिया और भविष्य की राह
9 मार्च से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल चेकअप और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सेना के अधिकारियों का कहना है कि अनुशासन और योग्यता ही चयन का मुख्य आधार होगी। जो सैनिक हाल ही में रिटायर हुए हैं, उनके पास अपनी फिटनेस साबित करने का यह सबसे सटीक समय है। आने वाले समय में इस तरह की भर्तियों से न केवल खाली पदों को भरा जाएगा, बल्कि पूर्व सैनिकों के कल्याण की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित होगा।
निष्कर्ष: जनहित का नजरिया
समाज के नजरिए से देखें तो पूर्व सैनिकों का पुनर्वास एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। डीएससी में कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के जवानों की भर्ती केवल रोजगार का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन हाथों को फिर से मजबूत करने की कोशिश है जिन्होंने वर्षों तक सरहदों की हिफाजत की है। सरकार और सैन्य प्रशासन का यह तालमेल पूर्व सैनिकों के मनोबल को ऊंचा रखता है और युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करता है।
संबंधित ख़बरें

मानसून की तैयारियों को लेकर अल्मोड़ा में जिलास्तरीय बैठक, जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश
20 जुलाई 2026 | 05:47 pm

अल्मोड़ा में 12 दिवसीय धूप-अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित
18 जुलाई 2026 | 03:26 pm

अल्मोड़ा: सोमेश्वर पुलिस ने 96 पाउच अवैध शराब के साथ एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार
18 जुलाई 2026 | 12:29 pm

हरेला पर्व पर गरुड़ाबाज में राज्य स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम, जागेश्वर क्षेत्र के लिए आठ घोषणाएं
16 जुलाई 2026 | 08:13 pm