देहरादून

शिकायत-बहुल क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग, अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय: जिलाधिकारी

गीता जोशी (संपादक) · 22 जून 2026 | 06:03 pm

शिकायत-बहुल क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग, अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय: जिलाधिकारी
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देहरादून: जन शिकायतों के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से लगातार अधिक शिकायतें आ रही हैं, वहाँ जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित विश्लेषण किया जाएगा। इस विश्लेषण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने एनआईसी को पिछले 10 समाधान दिवसों के डेटा का विभागवार विश्लेषण कर जीआईएस मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत-बहुल क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान होने पर सीधे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी ताकि समस्याओं का स्थायी निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने 146 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। समाधान दिवस में भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण, सीमांकन, बैंक ऋण माफी, विद्युत, पेयजल, विधिक एवं आर्थिक सहायता से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों तथा निर्माणदायी विभागों के अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश वे समाधान दिवस में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं, तो वर्चुअल माध्यम से अनिवार्य रूप से जुड़ें। इसका उद्देश्य शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने विशेष रूप से चकराता और कालसी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के भी निर्देश दिए।

बैंकों से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने लीड बैंक प्रबंधक को समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने यह सवाल उठाया कि ऋण स्वीकृत करते समय सिविल जांच क्यों नहीं की जाती, जिसके कारण बाद में लोन चुकाने में दिक्कतें आती हैं।

पारिवारिक विवादों से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित ‘वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, केंद्र का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए। वहीं, बढ़ते मारपीट और विवाद संबंधी मामलों पर उन्होंने पुलिस विभाग को सख्ती के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। विकासखंड चकराता के ग्राम नाड़ा में पीएमजीएसवाई द्वारा सड़क कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार और पेंटिंग न किए जाने से सेब के बागानों को खतरा हो रहा था। इस पर अधिशासी अभियंता को सात दिन के भीतर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।

ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट की ऐतिहासिक खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण की शिकायत पर एसडीएम ऋषिकेश और नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सालावाला के बाहर अतिक्रमण, तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं अवैध गतिविधियों की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक और सहायक नगर आयुक्त को सात दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

सहसपुर क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मारपीट और एफआईआर के बावजूद कार्रवाई न होने की शिकायत पर पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। ग्राम छरबा में तालाबों, बंजर भूमि और सरकारी कुओं पर अतिक्रमण की शिकायत पर तहसीलदार विकासनगर को जांच कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए। मोहिनी रोड पर बिना अनुमति सड़क खुदाई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में एसडीएम सदर को जांच कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में सुदामी देवी ने पारिवारिक संपत्ति विवाद से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। वहीं, राजेन्द्र कुमार ने भी बिजली बिल माफी से जुड़ी अपनी समस्या रखी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी इस समाधान दिवस में मौजूद रहे।

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