देहरादून

देहरादून में डेंगू रोकथाम को लेकर प्रशासन सख्त, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

गीता जोशी (संपादक) · 17 मई 2026 | 01:23 pm

देहरादून में डेंगू रोकथाम को लेकर प्रशासन सख्त, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
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देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने डेंगू और अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने डेंगू पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू नियंत्रण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उपचार के लिए सभी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, एलिसा टेस्ट, आवश्यक उपकरण, दवाइयां, ब्लड बैंक और बेड की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी चिकित्सा केंद्रों पर एलिसा टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में मशीनों को सक्रिय रखने, निजी लैब के लिए जांच दरें निर्धारित करने और कंट्रोल रूम को 24 घंटे क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान देहरादून और ऋषिकेश नगर क्षेत्रों के लिए विशेष माइक्रो प्लान तैयार करने को कहा गया है। इसके तहत आशा कार्यकत्रियों को वार्डवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कार्य कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने घोषणा की कि आशा कार्यकत्रियों को एनएचएम से मिलने वाले एक हजार रुपये और नगर निगम से मिलने वाले 1500 रुपये के अतिरिक्त, जिला प्रशासन की ओर से 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम और वॉलिंटियर्स की सक्रियता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी स्कूलों में डेंगू रोकथाम हेतु तत्काल एडवाइजरी जारी की जाए और बच्चों के लिए पूरी बाजू की ड्रेस पहनना अनिवार्य किया जाए। जन-जागरूकता के लिए नगर निकायों के कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंपस या सार्वजनिक स्थलों पर जलजमाव पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध भारी चालान काटने की सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को नगर निगम, पेयजल, शिक्षा और एमडीडीए सहित अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा गया है।

नगर निगम को रिस्पना और बिंदाल नदी तटों सहित शहर के सभी नालों और ड्रेनेज की सफाई का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए वहां पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर्स तैनात किए जाएंगे और लार्विसाइड टैंकरों से नियमित रासायनिक छिड़काव व फॉगिंग सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में डेंगू के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मामले बाहरी राज्यों से संबंधित हैं। बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, क्लेमेंटाउन और कार्गी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

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