देहरादून

10 साल की सेवा पूरी करने वाले UPNAL कर्मचारियों को बड़ी राहत, समान कार्य–समान वेतन पर कैबिनेट की मुहर

मुख्य संपादक · 16 जनवरी 2026 | 07:44 am

10 साल की सेवा पूरी करने वाले UPNAL कर्मचारियों को बड़ी राहत, समान कार्य–समान वेतन पर कैबिनेट की मुहर
विज्ञापन (Top) · Ad Space

देहरादून-उत्तराखंड में वर्षों से समान अधिकारों की मांग कर रहे UPNAL (उपनल) कर्मचारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में 10 साल या उससे अधिक की निरंतर सेवा देने वाले UPNAL कर्मचारियों को समान कार्य–समान वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले को राज्य के हजारों उपनल कर्मियों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

UPNAL कर्मचारी लंबे समय से यह मांग करते आ रहे थे कि वे नियमित कर्मचारियों की तरह ही विभागों में समान जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं के मामले में उन्हें काफी पीछे रखा गया है। अब कैबिनेट के इस निर्णय से वर्षों की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।


किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

कैबिनेट के फैसले के अनुसार वे UPNAL कर्मचारी, जिन्होंने लगातार 10 वर्षों तक सेवा दी है और वर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, उन्हें यह लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा जिनकी नियुक्ति वर्ष 2015 से पहले हुई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य योग्य कर्मचारियों को भी इस दायरे में लाया जाएगा।


सरकार का क्या कहना है

सरकार का कहना है कि UPNAL कर्मचारी राज्य के विभिन्न विभागों में वर्षों से अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके साथ वेतन और सेवा शर्तों में भेदभाव उचित नहीं है। समान कार्य–समान वेतन का सिद्धांत लागू कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि श्रम का सम्मान उसकी प्राथमिकता है।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

इस फैसले के बाद राज्यभर में UPNAL कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कर्मचारी संगठनों ने इसे लंबे संघर्ष की जीत बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी बढ़ाएगा। इससे कार्यक्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिलेगा।

आम जनता को क्या फायदा होगा

इस निर्णय का सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा। बेहतर वेतन और सुरक्षा मिलने से कर्मचारी अधिक मन लगाकर काम करेंगे, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। कार्यालयों में कामकाज तेज होगा और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी।


आगे क्या बदलेगा

अब संबंधित विभागों को इस फैसले के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। वेतन निर्धारण, पात्रता की जांच और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। आने वाले समय में UPNAL व्यवस्था में और भी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।


क्या थी UPNAL कर्मचारियों की मांग

UPNAL कर्मचारियों की मुख्य मांग यह थी कि वे वर्षों से राज्य के विभिन्न विभागों में नियमित कर्मचारियों की तरह ही समान कार्य और समान जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कम वेतन और सीमित सुविधाएं दी जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना था कि जब काम की प्रकृति, कार्य का समय और जिम्मेदारियां समान हैं, तो वेतन और भत्तों में भेदभाव न्यायसंगत नहीं है।

कर्मचारियों की यह भी मांग थी कि जिन UPNAL कर्मियों ने 8 से 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक निरंतर सेवा दी है, उन्हें समान कार्य–समान वेतन के दायरे में लाया जाए। साथ ही वे यह चाहते थे कि सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें नौकरी की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा का भी लाभ मिले, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

UPNAL कर्मचारी संगठनों ने कई बार सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि कम वेतन और अस्थायी व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इसका सीधा असर कार्यक्षमता, विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ेगा।

विज्ञापन (Middle) · Ad Space
शेयर करें:WhatsAppFacebook
विज्ञापन (Bottom) · Ad Space

संबंधित ख़बरें