देहरादून

IMA POP Dehradun: देश को मिले 525 जांबाज़ अफसर, 491 भारतीय युवाओं ने थामी सेना की कमान, 34 मित्र देशों के कैडेट भी पास आउट

मुख्य संपादक · 14 दिसंबर 2025 | 06:31 am

IMA POP Dehradun: देश को मिले 525 जांबाज़ अफसर, 491 भारतीय युवाओं ने थामी सेना की कमान, 34 मित्र देशों के कैडेट भी पास आउट
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सार-भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में शनिवार को आयोजित 157वीं पासिंग आउट परेड (POP) देश के लिए गौरव का क्षण बन गई। इस भव्य समारोह में कुल 525 ऑफिसर कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर सेना में कमीशन प्राप्त किया। इनमें 491 भारतीय युवा अफसर भारतीय सेना में शामिल हुए, जबकि 14 मित्र देशों के 34 कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं के लिए पास आउट हुए।

परेड की समीक्षा थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सेना में कमीशन मिलना केवल नौकरी नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग और जिम्मेदारी से भरे जीवन की शुरुआत है। उन्होंने अधिकारियों से सेना की गौरवशाली परंपराओं का पालन करते हुए राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।

कोर्स के अनुसार अफसरों का विवरण

157वीं पासिंग आउट परेड में विभिन्न एंट्री स्कीम के कैडेट्स शामिल रहे—

रेगुलर कोर्स

टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES)

टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC)

स्पेशल कमीशन्ड ऑफिसर्स (SCO)

टेरिटोरियल आर्मी (TA) कोर्स

इन सभी कोर्स को मिलाकर 525 अफसरों को कमीशन प्रदान किया गया।

अनुशासन, गर्व और सैन्य शौर्य का नजारा

परेड के दौरान कैडेट्स की सधी हुई ड्रिल, दमदार कदमताल और सलामी ने सैन्य अनुशासन की मिसाल पेश की। समारोह के खास पल में हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने माहौल को भावुक और ऐतिहासिक बना दिया। परेड ग्राउंड में मौजूद परिजन अपने बेटों को अफसर बनते देख गर्व से भर उठे।

सेना प्रमुख का संदेश

जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि अकादमी से निकलने के बाद हर कदम पर मार्गदर्शन नहीं होगा, लेकिन तब आपके फैसले, आचरण और नेतृत्व हजारों सैनिकों और नागरिकों के लिए उदाहरण बनेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, साहस और निष्ठा के साथ देश सेवा करने का संकल्प दोहराने को कहा।

निष्कर्ष:
IMA की 157वीं पासिंग आउट परेड ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय सेना को ऊर्जावान, प्रशिक्षित और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत युवा नेतृत्व मिल रहा है। ये अफसर आने वाले समय में सरहदों की हिफाज़त और देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल बनेंगे।

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