अल्मोड़ा-जनपद की विभिन्न न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीयशिविर आयोजित किए गए, जिनसे 2470 लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिला।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की मूल भावना को साकार करते हुए जनपद में प्रशासन गाँव की ओर अभियान निरंतर प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की समुचित जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों की न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए योजनाओं का लाभ उठाया।
अभियान के तहत विकासखंड धौलादेवी की न्याय पंचायत कलौटा, विकासखंड द्वाराहाट की न्याय पंचायत कफड़ा तथा ताड़ीखेत विकासखंड की न्याय पंचायत बमस्यूं में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मौके पर ही लोगों की समस्याएं सुनीं और नियमानुसार त्वरित निस्तारण किया, जिससे ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
आंकड़ों की बात करें तो न्याय पंचायत कलौटा में आयोजित शिविर के माध्यम से 686 व्यक्तियों को विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। वहीं न्याय पंचायत कफड़ा में 515 ग्रामीण लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त न्याय पंचायत बमस्यूं में आयोजित शिविर से 1269 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। इस प्रकार तीनों शिविरों के माध्यम से कुल 2470 लोगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया, जो अभियान की प्रभावशीलता और प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।
द्वाराहाट विकासखंड की न्याय पंचायत कफड़ा में आयोजित शिविर में शिव सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष पीएमजीएसवाई अनुश्रवण परिषद, ने प्रतिभाग किया। उन्होंने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इसी प्रकार न्याय पंचायत कलौटा में आयोजित शिविर में दिनेश आर्य, उपाध्यक्ष पेयजल अनुश्रवण परिषद, ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
अतिथियों ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए तथा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत करने के लिए ऐसे अभियानों की निरंतरता आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास का वातावरण बना रहे और योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
इन बहुउद्देशीय शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर कई समस्याओं के समाधान और योजनाओं की जानकारी मिलने पर संतोष व्यक्त किया। प्रशासन गाँव की ओर अभियान के तहत आयोजित ये शिविर न केवल सेवा वितरण का माध्यम बने, बल्कि शासन और जनता के बीच सेतु के रूप में भी उभरे, जिससे सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली।