उत्तराखंड के सीमांत गांवों में विभिन्न राज्यों की संस्कृति साझा करेंगे 115 युवा
गीता जोशी (संपादक) · 15 जून 2026 | 02:30 pm

देहरादून: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित मेरा युवा भारत (माय भारत), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण का संचालन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास करना और युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ बनाना है। इस द्वितीय चरण में कुल 115 युवा प्रतिभागी सम्मिलित हुए हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों की विविध संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली की झलक सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रस्तुत करेंगे।
इस अभियान के अंतर्गत गोवा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, मणिपुर, तेलंगाना और जम्मू कश्मीर से आए युवाओं को शामिल किया गया है। इन प्रतिभागियों को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों को निकटता से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए कुल 13 सीमांत गांवों का चयन किया गया है, जहां 7 से 8 प्रतिभागियों का एक-एक समूह प्रवास करेगा। प्रत्येक समूह के साथ उचित मार्गदर्शन और समन्वय के लिए एक जिला युवा अधिकारी और एक स्वयंसेवक की तैनाती की गई है।
गांवों में प्रवास के दौरान ये युवा प्रतिभागी जन-जागरूकता, सामुदायिक संवाद और विकासोन्मुख गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागिता करेंगे। इसके साथ ही वे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करेंगे ताकि उनके अनुभवों, दैनिक चुनौतियों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को गहराई से समझा जा सके। इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत देहरादून में प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग के साथ हुई, जिसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों द्वारा उन्हें कार्यक्रम की अवधारणा और उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रवास पर जाने से पूर्व आईटीबीपी शिविर में अनुशासन, सुरक्षा और आवश्यक सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। देहरादून में ही सभी प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागी पूर्णतः स्वस्थ पाए गए। इसके पश्चात प्रतिभागियों के एक दल को उत्तरकाशी जनपद और दूसरे दल को चमोली जनपद के लिए रवाना किया गया। सभी प्रतिभागी 21 जून तक निर्धारित सीमांत गांवों में प्रवास करेंगे और स्थानीय समुदायों की जीवनशैली तथा विशिष्ट परिस्थितियों का अध्ययन करेंगे।
इस अवसर पर माय भारत देहरादून की उप निदेशक मोनिका नांदल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के डिप्टी कमांडेंट उज्जवल भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागियों से संवाद कर उन्हें सीमांत क्षेत्रों के महत्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका के प्रति प्रेरित किया। अधिकारियों ने सफल सहभागिता के लिए युवाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
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