उत्तराखंड में महिला उद्यमियों के लिए ‘भुली’ कार्यक्रम शुरू, 150 उद्यमियों का होगा चयन
गीता जोशी (संपादक) · 14 जुलाई 2026 | 08:04 pm

देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेशन कार्यक्रम ‘भुली’ की शुरुआत की गई। देहरादून स्थित सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘Business and Handholding Unit for Livelihood Incubation’ यानी ‘भुली’ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एमआईएस पोर्टल और बुकलेट का भी विमोचन हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी प्रदर्शित किए गए और विभिन्न जनपदों से आई एसएचजी उद्यमियों को सम्मानित किया गया।
150 महिला उद्यमियों का होगा चयन
उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी झरना कमठान ने बताया कि यह कार्यक्रम आईआईएम काशीपुर फिड के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों के पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत व्यावसायिक ढांचा उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत कुल 150 उद्यमियों का चयन व्यक्तिगत, समूह और बड़े उद्यम की श्रेणियों में किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी से छह उद्यमियों सहित कुल 18 उद्यमियों को प्रति उद्यम अधिकतम 15 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। शेष 132 उद्यमियों को औसतन चार लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य इच्छुक आवेदकों को कौशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
18 माह तक मिलेगा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
कार्यक्रम के अंतर्गत 18 माह तक इन्क्यूबेशन सहायता दी जाएगी। इसका लक्ष्य चयनित उद्यमियों के लाभ में न्यूनतम 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि करना है। इच्छुक महिला उद्यमी आईआईएम काशीपुर फिड की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम को केवल 150 उद्यमियों तक सीमित नहीं रखा जाएगा और इसे राज्य स्तर पर विस्तार देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की।
पारंपरिक कौशल को व्यावसायिक ढांचे से जोड़ने पर जोर
ग्राम्य विकास विभाग के सचिव धीराज सिंह गब्र्याल ने कहा कि तीन वर्षीय योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के पारंपरिक कौशल को व्यावसायिक ढांचे से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में समेकित कृषि आधारित मॉडल अपनाने पर भी जोर दिया।
आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्रबंधन और व्यवसाय संचालन से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार पाण्डेय ने समूह उद्यमियों से योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम में आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग अनुराधा पाल, भुली कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सफल बत्रा, उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारी और सभी 13 जनपदों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमी उपस्थित रहीं।
संबंधित ख़बरें

देहरादून-मसूरी मार्ग बंद: पानी वाले बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त, जनसुरक्षा सर्वोपरि
20 जुलाई 2026 | 08:11 pm

देहरादून में सफाई कर्मचारियों के लिए जन-जागरूकता शिविर आयोजित, 250 लाभार्थियों ने लिया लाभ
15 जुलाई 2026 | 04:04 pm

देहरादून समाधान दिवस में 176 शिकायतें दर्ज, भूमि विवाद और उत्पीड़न के मामलों में कार्रवाई के निर्देश
13 जुलाई 2026 | 04:08 pm

रायवाला के राजकीय नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण, उपचार और पुनर्वास सेवाएं सुदृढ़ करने के निर्देश
7 जुलाई 2026 | 03:35 pm