देहरादून

“भूकंप अलर्ट! आज पूरे प्रदेश में बड़ी मॉक ड्रिल—हर जिले में तैयारियों की होगी सख्त जांच”

मुख्य संपादक · 15 नवंबर 2025 | 01:54 am

“भूकंप अलर्ट! आज पूरे प्रदेश में बड़ी मॉक ड्रिल—हर जिले में तैयारियों की होगी सख्त जांच”
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देहरादून-उत्तराखंड में भूकंप जैसे प्राकृतिक खतरों को देखते हुए राज्य सरकार ने 15 नवंबर को प्रदेशभर में बड़े स्तर पर भूकंप मॉक ड्रिल कराने का निर्णय लिया है। इस अभ्यास के लिए तैयारियाँ बुधवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित बैठक में अंतिम रूप दी गईं। बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य डॉ. डी.के. असवाल ने कहा कि इस बार मॉक ड्रिल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल ट्विन तकनीक का उपयोग करना चाहिए।

डिजिटल ट्विन क्या है?

यह तकनीक किसी भवन, इलाके या संरचना की वर्चुअल कॉपी तैयार करती है। इससे बिना वास्तविक खतरे के, असली परिस्थितियों जैसी स्थिति बनाकर तुरंत पता लगाया जा सकता है कि किसी आपदा के दौरान कौन-सी प्रतिक्रिया कारगर रहेगी और कहाँ सुधार की जरूरत है।

डॉ. असवाल के मुताबिक मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं होती—यह अपनी तैयारियों, क्षमताओं और संसाधनों की गुणवत्ता परखने का मौका है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य की सभी ड्रिलों में भी इस तकनीक का प्रयोग किया जाए, जिससे प्रशिक्षण का स्तर और ऊँचा हो सके।

उत्तराखंड के लिए ड्रिल क्यों ज़रूरी?

राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ समेत कई तरह की आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्य है।
उन्होंने कहा—“सबसे बड़ी तैयारी है, आपदा से मिली सीख को लागू करना। यदि हर घटना से सबक लेकर तैयारी बेहतर की जाए, तो बड़ी से बड़ी आपदा का भी सुरक्षित सामना किया जा सकता है।”

हर जिले की तैयारी की होगी परीक्षा

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 15 नवंबर की यह मॉक ड्रिल राज्य के सभी जिलों की प्रतिक्रिया-क्षमता को परखने के लिए की जा रही है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि भूकंप जैसी स्थिति में कितनी तेजी से और कितनी प्रभावी प्रतिक्रिया हो पाती है।

भूदेव ऐप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने के निर्देश

सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि आईआईटी रुड़की और यूएसडीएमए द्वारा विकसित ‘भूदेव ऐप’ अब भूकंप की स्थिति में मोबाइल पर अलर्ट भेजेगा।
मॉक ड्रिल में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को यह ऐप अपने फोन में डाउनलोड करने के लिए कहा गया है, ताकि अभ्यास के दौरान रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम का परीक्षण भी हो सके।

बैठक में आनंद स्वरूप, विनीत कुमार, ब्रिगेडियर राजू सेठी, ओबैदुल्लाह अंसारी और शांतनु सरकार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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