सार्वजनिक परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग पर प्रशासन सख्त
विमल (संपादक) · 30 दिसंबर 2025 | 09:31 am

देहरादून – जिले में सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह ने सभी विभागों को अपनी परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले के कुल 63 विभागों में से अब तक केवल 14 विभाग ही अपनी परिसंपत्तियों की मैपिंग पूरी कर पाए हैं। 39 विभागों का कार्य अभी प्रगति पर है, जबकि 10 विभागों ने अब तक प्रक्रिया शुरू भी नहीं की है। इस स्थिति पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर शेष कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
डिजिटल रिकॉर्ड और पॉलीगॉन मैपिंग अनिवार्य
सीडीओ ने कहा कि सभी सरकारी भूमि, भवन, सड़क, तालाब, पार्क सहित अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाना जरूरी है। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिसंपत्ति की सीमा (पॉलीगॉन) निर्धारित कर उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति, क्षेत्रफल और लोकेशन का सटीक विवरण उपलब्ध हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अद्यतन डेटा से न केवल अतिक्रमण पर रोक लगेगी, बल्कि रखरखाव और विकास योजनाओं को भी बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अतिक्रमण पर मिलेगा तत्काल डिजिटल अलर्ट
प्रशासन द्वारा लागू डिजिटल अलर्ट सिस्टम के माध्यम से यदि किसी मैप की गई परिसंपत्ति पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण होता है, तो संबंधित विभागाध्यक्ष को तुरंत सूचना प्राप्त होगी। इससे समय रहते कार्रवाई कर अतिक्रमण को रोका जा सकेगा।
अब तक देहरादून जिले में 4,988 सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मैपिंग कर पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। इनमें से 211 मामलों में अतिक्रमण से संबंधित अलर्ट जारी किए गए हैं। कई मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर सीडीओ ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट संदेशों का तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला विकास अधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रणाली को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
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