देवभूमि उत्तराखंड

चम्पावत जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था, राजस्व कार्यों की समीक्षा की; लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

गीता जोशी (संपादक) · 24 मार्च 2026 | 07:02 pm

चम्पावत जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था, राजस्व कार्यों की समीक्षा की; लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
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चम्पावत: जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और पटल सहायकों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था की स्थिति, विभिन्न न्यायालयों में लंबित वाद, राजस्व कार्यों की प्रगति और अन्य विभागों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई कि जनपद में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2024 तक 32 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 30 और 2026 में 15 रह गए हैं। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों में त्वरित रूप से चार्जशीट दाखिल करने और लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

भू-राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने तहसील पाटी और बाराकोट को निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसील पूर्णागिरि द्वारा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने पूर्णागिरि तहसील को सिंचाई वसूली और विविध देयों की प्रगति में आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी मजिस्ट्रेट जांचें समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने सैन्य और सिविल सत्यापन से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

न्यायालयवार राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों से कहा कि वे शेष वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें।

एलआर एक्ट के तहत की गई समीक्षा में यह सामने आया कि जनपद में दो वर्ष से अधिक पुराने कोई वाद लंबित नहीं हैं। एक वर्ष से अधिक पुराने वादों के त्वरित निस्तारण के भी निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, धारा 143 से संबंधित उपजिलाधिकारी स्तर पर लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन और सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त सभी शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्यों में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने न्यायिक और राजस्व कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने न्यायालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहने और लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उप जिलाधिकारी नीतू डागर, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, तहसीलदार और जिला कार्यालय के पटल प्रभारी उपस्थित रहे।

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