देवभूमि उत्तराखंड

चम्पावत में 'ईट राईट स्कूल' पहल, सभी विद्यालय होंगे प्रमाणित

गीता जोशी (संपादक) · 19 मार्च 2026 | 04:16 pm

चम्पावत में ‘ईट राईट स्कूल’ पहल, सभी विद्यालय होंगे प्रमाणित
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चम्पावत: चम्पावत में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित ‘सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर जिला स्तरीय सलाहकार समिति’ की बैठक आयोजित हुई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, मिलावट पर नियंत्रण पाने, पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ खान-पान की आदतों को प्रोत्साहित करने के लिए चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने खाद्य संरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि निरीक्षण अभियान, खाद्य नमूनों की जांच और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई को नियमित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। इसके साथ ही, सैंपलिंग कार्य में तेजी लाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद में खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे सभी खाद्य व्यवसायों को नियामकीय दायरे में लाया जा सके और उनकी निगरानी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में ‘ईट राईट इंडिया’ अभियान को विशेष महत्व दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विद्यालयों को इस अभियान के तहत प्रमाणित (Certified) करने का निर्देश दिया। इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक विद्यालय के लिए ‘ईट राईट एम्बेसडर’ नामित करने और प्रमाणित विद्यालयों के साथ-साथ उनके प्रधानाचार्यों को पुरस्कृत करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ग्रहण करने से पहले विद्यार्थियों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर के बिना किसी भी विद्यार्थी का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए, बचपन से ही विद्यार्थियों में स्वस्थ दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों को विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुनः निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय को ‘ईट राईट इंडिया’ अभियान के अंतर्गत प्रमाणित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक स्वस्थ समाज की आधारशिला सुरक्षित और पोषणयुक्त भोजन पर टिकी है। अतः, सभी संबंधित विभागों को इस दिशा में मिलकर प्रयास करने चाहिए।

जिलाधिकारी ने खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा संचालित ‘ईट राईट स्कूल’ कार्यक्रम को जनपद के सभी विद्यालयों में एक अभियान के तौर पर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विद्यालय को ‘ईट राईट स्कूल’ के रूप में प्रमाणित कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्रता से पूरी की जाए, जिससे छात्र-छात्राओं में प्रारंभिक आयु से ही संतुलित और सुरक्षित आहार की आदतें विकसित हो सकें।

उन्होंने विद्यालय स्तर पर स्वच्छता, सुरक्षित भोजन और पोषण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं, कार्यशालाएं और व्यवहारिक प्रशिक्षण आयोजित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश परिवारों और समाज में भी अधिक प्रभावी ढंग से प्रसारित किया जा सकता है।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा संचालित ‘ईट राईट स्कूल’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में खाद्य सुरक्षा, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में संतुलित आहार और स्वच्छ आदतों को प्रोत्साहित करके उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेश चौहान, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, जिला अभिहित अधिकारी संजय कुमार सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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