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सियासी हलचल: कल सुबह 11 बजे पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु में विजय लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

मुख्य संपादक · 8 मई 2026 | 09:49 pm

सियासी हलचल: कल सुबह 11 बजे पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु में विजय लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
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चेन्नई/कोलकाता: देश के दो प्रमुख राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार की शाम होते-होते दोनों राज्यों के राजनीतिक गलियारों में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार यानी 9 मई 2026 की सुबह 11 बजे पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। दोनों राज्यों में नई सरकारों के गठन की घोषणा के साथ ही समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जहां बंगाल में भाजपा ने सोनार बांग्ला के संकल्प को दोहराया है, वहीं तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके को विपक्षी दलों का भी साथ मिलता दिख रहा है।

बंगाल में भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ होगा शासन का आधार

पश्चिम बंगाल के भावी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार गठन की औपचारिकताओं के बीच राज्य की जनता को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी किया गया ‘संकल्प पत्र’ ही उनकी सरकार के कामकाज का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ आगामी मंत्रिमंडल काम करेगा। अधिकारी ने यह भरोसा दिलाया कि भाजपा का हर विधायक और कार्यकर्ता संकल्प पत्र के एक-एक वादे को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संदेशखाली और आरजी कर मामलों पर कड़ा रुख

शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार संदेशखाली और आरजी कर अस्पताल जैसे मामलों में महिलाओं पर हुए अत्याचारों की जांच के लिए एक विशेष आयोग का गठन करेगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इन घटनाओं के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा, राज्य में ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’ की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

शहीद कार्यकर्ताओं को दी श्रद्धांजलि

भावुक होते हुए शुभेंदु अधिकारी ने उन 321 भाजपा कार्यकर्ताओं का स्मरण किया, जिन्होंने पिछले वर्षों के दौरान राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने उन हजारों कार्यकर्ताओं को भी विश्वास दिलाया जो राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित हुए या जिन्हें अपने घर छोड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि यह नई सरकार उन सभी के सपनों और बलिदानों का सम्मान करेगी और बंगाल में ‘डर का माहौल’ खत्म कर शांति स्थापित करेगी।

तमिलनाडु: विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात

तमिलनाडु की राजनीति में भी शुक्रवार को भारी उठापटक देखने को मिली। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय अपने चेन्नई स्थित आवास से राजभवन के लिए रवाना हुए और राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा। सूत्रों के अनुसार, विजय को कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई(एम) का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इस बीच एक कानूनी विवाद भी सामने आया जब एझिलारसी के. नामक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की। टीवीके ने तुरंत इस याचिका से किनारा करते हुए इसे पार्टी का आधिकारिक कदम नहीं बताया और स्पष्ट किया कि पार्टी नियमों के तहत ही आगे बढ़ रही है।

निवर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन की प्रतिक्रिया

तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग होने के बाद लोकतंत्र का तकाजा है कि नई सरकार का गठन जल्द से जल्द हो। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बिना किसी देरी के निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण सुनिश्चित किया जाए ताकि प्रशासनिक कार्यों और राज्य के कल्याणकारी कामों में रुकावट न आए।

आगे क्या बदलेगा और जनता पर प्रभाव

इन दोनों राज्यों में नई सरकारों के गठन से प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • पश्चिम बंगाल में: कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए बनने वाली समितियां पूर्ववर्ती शासन के अधिकारियों और नेताओं की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

  • तमिलनाडु में: विजय के रूप में एक नया चेहरा मिलने से राज्य की द्रविड़ राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा। कांग्रेस और वामदलों के समर्थन से बनने वाली यह सरकार सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।

निष्कर्ष

लोकतंत्र में सत्ता का हस्तांतरण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में जनता ने बदलाव या नए नेतृत्व की ओर संकेत दिया है। कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के बाद दोनों मुख्यमंत्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनाव पूर्व किए गए वादों को धरातल पर उतारने और अपने-अपने राज्यों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने की होगी। विशेष रूप से बंगाल में शांति बहाली और तमिलनाडु में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना नई सरकारों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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