देवभूमि उत्तराखंड

चम्पावत में 93 वर्षीय शिक्षक के शैक्षिक योगदान पर जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

गीता जोशी (संपादक) · 20 अप्रैल 2026 | 06:12 pm

चम्पावत में 93 वर्षीय शिक्षक के शैक्षिक योगदान पर जिलाधिकारी ने किया सम्मानित
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चम्पावत: जनपद के ग्राम गोशनी निवासी 93 वर्षीय शिक्षक चिरंजी लाल वर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की।

चिरंजी लाल वर्मा का कार्यकाल शिक्षा के प्रति समर्पण और संघर्ष का उदाहरण रहा है। जिस समय खेतीखान क्षेत्र में केवल कक्षा 7 तक ही शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध थी, उस दौरान उन्होंने वहां हाईस्कूल की कक्षाओं का संचालन शुरू करवाया। इसके अतिरिक्त विद्यालय के राजकीयकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत हितों को पीछे रखते हुए बहुत कम मानदेय पर निरंतर अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

उनके सेवाकाल के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना यह रही कि उन्होंने अपने सहयोगियों को समय पर मानदेय उपलब्ध कराने के लिए स्वयं कठिनाइयां सहकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। उन्होंने अपने जीवन के लगभग 33 वर्ष शिक्षा क्षेत्र को समर्पित किए हैं। इसमें सूर्य मंदिर स्थित विद्यालय में दी गई सेवाएं और लोहाघाट इंटर कॉलेज में किया गया 19 वर्षों का योगदान विशेष रूप से शामिल है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि ऐसे शिक्षकों के अनुशासन और समर्पण के कारण ही समाज को एक सशक्त दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि 1970 के दशक में ग्रामीण क्षेत्र खेतीखान में शिक्षा का विस्तार करना और निजी हितों का त्याग कर विद्यालय के राजकीयकरण को प्राथमिकता देना उनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इतनी अधिक आयु में भी समाज के प्रति उनकी सक्रियता अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन मूल्यों, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा भाव का अनुसरण करने की बात कही। इस कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य अशोक माहरा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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