देवभूमि उत्तराखंड

चम्पावत में युवा कृषक की आधुनिक बागवानी तकनीक का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

गीता जोशी (संपादक) · 12 अप्रैल 2026 | 09:00 pm

चम्पावत में युवा कृषक की आधुनिक बागवानी तकनीक का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
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चम्पावत: जनपद के दूधपोखरा क्षेत्र में युवा कृषक कमल गिरी द्वारा बागवानी और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और स्वरोजगार के मॉडल का अवलोकन करते हुए संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कृषक द्वारा फार्म में अपनाए जा रहे नवाचारों और फसलों के विविधीकरण को लेकर उपस्थित अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

कृषक कमल गिरी ने जिलाधिकारी को जानकारी दी कि उन्होंने उद्यान विभाग की एप्पल मिशन योजना के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से सेब की बागवानी की शुरुआत की थी। वर्तमान में लगभग 15 नाली भूमि पर 1000 से अधिक सेब के पेड़ लगाए गए हैं, जिनसे प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले फलों को स्थानीय बाजार में 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया जा रहा है। फार्म पर आने वाले पर्यटक स्वयं पेड़ों से फल तोड़कर खरीदने का अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हुए हैं। इसके साथ ही कीवी मिशन के माध्यम से कीवी उत्पादन का कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

फार्म में बहुविध कृषि प्रणाली को अपनाते हुए पॉलीहाउस के माध्यम से सब्जी और मशरूम उत्पादन के साथ-साथ मधुमक्खी पालन और मछली पालन की गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त प्याज, काली हल्दी, तेजपत्ता, अदरक, आड़ू, पुलम, नींबू और कैमोमाइल चाय का उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे वर्षभर आय प्राप्त हो रही है। कृषक ने बताया कि पॉलीहाउस निर्माण और सोलर फेंसिंग की सुविधा मिलने से फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिली है, जिससे उत्पादन में सुधार हुआ है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कृषि कार्य जनपद के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में ऐसे सफल मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगतिशील कृषकों को चिह्नित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और अन्य इच्छुक किसानों को भी विभिन्न योजनाओं से जोड़ते हुए आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे अधिक लोग आत्मनिर्भर बन सकें।

इस निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, डेसमंड और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय कृषक ने सेब एवं कीवी उत्पादन की बारीकियों, मधुमक्खी पालन के महत्व और कृषि कार्यों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से भी अधिकारियों को अवगत कराया।

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