चंपावत

चंपावत में 'महिला आयोग आपके द्वार' अभियान: 17 शिकायतों का निस्तारण

गीता जोशी (संपादक) · 12 मार्च 2026 | 04:52 pm

चंपावत में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान: 17 शिकायतों का निस्तारण
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चंपावत: राष्ट्रीय महिला आयोग के ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा 09 मार्च से 13 मार्च तक विभिन्न जनपदों में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में 12 मार्च, गुरुवार को जनपद चंपावत के विकास भवन सभागार में एक महिला जनसुनवाई कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसकी अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने की, जिसमें आयोग की सदस्य किरण देवी भी उपस्थित रहीं।

जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आईं महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आयोग का लक्ष्य उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुँचकर उन्हें न्याय दिलाना, उनकी पीड़ा को समझना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि ‘महिला आयोग आपके द्वार’ पहल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक महिला की समस्या सुनी जाएगी और हर संभव सहायता भी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया और कहा कि मुख्यमंत्री महिलाओं की समस्याओं के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आयोग की प्राथमिकता सदैव परिवारों को एकजुट करने की रही है। असंगठित क्षेत्र की महिलाओं की शिकायतों के समाधान हेतु जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग गंभीरता से न ले।

उन्होंने पुलिस विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि यदि कोई महिला अपनी समस्या लेकर आए तो उसे निराश होकर न जाना पड़े। पुलिस अधिकारियों को उनकी समस्या धैर्य से सुननी चाहिए, उनके साथ उचित व्यवहार बनाए रखना चाहिए और उन्हें संतुष्ट करके भेजना चाहिए। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान कुल 17 फरियादियों ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्यवाही हेतु आयोग मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। जनसुनवाई में सामने आए गंभीर प्रकरणों में, एक महिला ने पति द्वारा कई वर्षों से घर न आने और फोन न उठाने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अध्यक्ष ने पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) को तत्काल जांच के निर्देश दिए।

एक विधवा महिला ने बच्चों के भरण-पोषण संबंधी समस्या रखी, जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को बच्चों के स्पॉन्सरशिप के तहत कार्रवाई करने तथा सेवायोजना अधिकारी को प्रयाग पोर्टल के माध्यम से महिला को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। कुछ महिलाओं ने घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग कराने और पुलिस क्षेत्राधिकारी को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयोग द्वारा दो पीड़ित महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराए गए।

वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान प्रशासिका रितु सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 के 364 पंजीकृत मामलों में से 337 का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। 27 मामले प्रक्रियाधीन हैं तथा कुल 56 आश्रय मामले दर्ज हैं। कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर पुष्पा चौधरी ने किया।

इस जनसुनवाई में नगर पालिका चंपावत की अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोरा, पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वंदना वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास पी.एस. बृजवाल, अध्यक्ष महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा सहित चिकित्सा, पर्यटन, विद्युत, श्रम प्रवर्तन एवं अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। विभिन्न जनप्रतिनिधि और महिलाएं भी मौजूद थीं।

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