चंपावत की कोलीढेक झील ₹16 करोड़ की लागत से बनेगी प्रमुख पर्यटन केंद्र
गीता जोशी (संपादक) · 26 जून 2026 | 04:22 pm

चंपावत: चंपावत जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोलीढेक झील को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग ₹16 करोड़ की लागत आएगी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के समेकित विकास और इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोलीढेक झील पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक रेस्टोरेंट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, झील की सुंदरता में वृद्धि के लिए एक आकर्षक आर्च ब्रिज (पुल) का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, कुमाऊंनी शैली में विशेष पटाल व कॉबलस्टोन की सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए क्षेत्र में लाइट एंड साउंड शो का भी विशेष प्रावधान किया गया है।
कोलीढेक झील अपनी ऊंचाई और देवदार के खूबसूरत जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यह लुप्तप्राय प्रजाति की ‘गोल्डन महाशीर’ और भारत की अन्य विशिष्ट मछलियों के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
वर्तमान में, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर 60 नावों का संचालन किया जा रहा है, जिससे नौकायन के क्षेत्र में पर्यटकों की मांग पूरी हो रही है। इस पर्यटन केंद्र के विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे और स्थानीय ढाबों के व्यवसायों को भी बढ़ावा मिला है। भविष्य में, आयुष विभाग द्वारा एक वेलनेस सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव है। शासन की मंशा के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र को ‘विवेकानंद सर्किट’ से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। जनपद प्रशासन इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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