चंपावत

चंपावत में टैक्सी और मैक्सी कैब के लिए किराया दरें निर्धारित, नियमों के उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

गीता जोशी (संपादक) · 13 जून 2026 | 11:06 am

चंपावत में टैक्सी और मैक्सी कैब के लिए किराया दरें निर्धारित, नियमों के उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
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चंपावत: जनपद में यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशों पर परिवहन विभाग ने एक विशेष परामर्श जारी किया है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन, टनकपुर द्वारा टैक्सी और मैक्सी कैब वाहनों के लिए किराया निर्धारण से संबंधित यह जनहित एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करना और अनियमित किराया वसूली पर रोक लगाना है।

शासन और परिवहन विभाग की ओर से विभिन्न श्रेणियों के टैक्सी और मैक्सी कैब वाहनों के लिए अधिकतम किराया दरें पहले ही तय की जा चुकी हैं। इन निर्धारित दरों का पालन करना सभी वाहन स्वामियों और चालकों के लिए अनिवार्य बनाया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार, सभी टैक्सी और मैक्सी कैब संचालकों को अपने वाहनों के भीतर स्वीकृत किराया सूची यानी फेयर चार्ट को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इससे यात्रियों को किराये के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। वाहन में ऐसी जगह चार्ट लगाना अनिवार्य है जहां से यात्री इसे आसानी से देख सकें।

परिवहन विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वाहन में लगी किराया सूची का अवलोकन अवश्य करें। यात्रियों को निर्धारित दरों से अधिक किराया न देने की सलाह दी गई है। यदि कोई चालक अधिक किराये की मांग करता है या वाहन में सूची प्रदर्शित नहीं करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल परिवहन विभाग या स्थानीय पुलिस प्रशासन से की जा सकती है।

सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन मनोज बगोरिया ने कहा कि किराया निर्धारण और शिकायतों के निस्तारण के लिए उचित वैधानिक व्यवस्था मौजूद है। किसी भी व्यक्ति, चालक या यूनियन द्वारा कानून हाथ में लेना, यात्रियों को धमकाना या सार्वजनिक रूप से अपमानित करना पूर्णतः अस्वीकार्य है। ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के हितों की रक्षा और पारदर्शी परिवहन व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित पक्षों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में प्रशासन ने वैधानिक प्रक्रिया का ही सहारा लेने की बात कही है।

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